मैनचेस्टर: भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट श्रृंखला का चौथा और महत्वपूर्ण मुकाबला 23 जुलाई 2025 से मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेला जाएगा। लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट में 22 रनों की रोमांचक हार के बाद भारतीय टीम 1-2 से पिछड़ गई है
Table of Contents
Toggleश्रृंखला में बने रहने और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए यह मैच भारत के लिए ‘करो या मरो’ जैसा है। टीम इंडिया चोटों की समस्या से जूझ रही है, लेकिन इसके बावजूद कप्तान शुभमन गिल की टीम इतिहास रचने के इरादे से उतरेगी, क्योंकि भारत ने ओल्ड ट्रैफर्ड में अब तक एक भी टेस्ट नहीं जीता है
सीरीज का अब तक का सफर
एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के लिए खेली जा रही इस श्रृंखला में अब तक जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है:
पहला टेस्ट (हेडिंग्ले, लीड्स): इंग्लैंड ने 5 विकेट से जीत दर्ज की।
दूसरा टेस्ट (एजबेस्टन, बर्मिंघम): भारत ने 336 रनों की विशाल जीत के साथ शानदार वापसी की और सीरीज 1-1 से बराबर की।
तीसरा टेस्ट (लॉर्ड्स, लंदन): कांटे के मुकाबले में इंग्लैंड ने 22 रनों से जीत हासिल कर 2-1 की बढ़त बना ली रवींद्र जडेजा की नाबाद 61 रनों की पारी के बावजूद भारतीय टीम 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 170 पर सिमट गई।
टीम इंडिया: चोटों से बढ़ी मुश्किलें
चौथे टेस्ट से पहले भारतीय टीम को कई बड़े झटके लगे हैं, जिससे टीम का संतुलन प्रभावित हुआ है।
प्रमुख खिलाड़ी बाहर: ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी घुटने की चोट के कारण पूरी श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। वहीं, नेट्स में अंगूठे में चोट लगने के कारण तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह भी चौथे टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। इन दोनों के बाहर होने से टीम के संयोजन पर असर पड़ेगा।
बुमराह की वापसी से राहत: इस मुश्किल घड़ी में टीम के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह चौथे टेस्ट में खेलेंगे। उनके साथी गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने इसकी पुष्टि की है। पहले बुमराह के वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत सिर्फ तीन टेस्ट खेलने की बात थी, लेकिन सीरीज की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उनका खेलना तय है।
पंत की फिटनेस पर नजर: उप-कप्तान ऋषभ पंत, जिन्हें लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान बाएं हाथ की उंगली में चोट लगी थी, के खेलने की उम्मीद है। उन्होंने नेट्स पर बिना किसी परेशानी के बल्लेबाजी की है और विकेटकीपिंग का हल्का अभ्यास भी शुरू कर दिया है। हालांकि, यह अभी तय नहीं है कि वह विकेटकीपिंग की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे या नहीं। यदि पंत पूरी तरह से फिट नहीं होते हैं, तो वह एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में खेल सकते हैं और ध्रुव जुरेल विकेटकीपिंग कर सकते हैं।
गेंदबाजी में अन्य चिंताएं: आकाश दीप भी ग्रोइन की चोट से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी उपलब्धता पर संदेह है। इन सब चोटों के चलते हरियाणा के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है।
भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन:
यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुंदरशन, शुभमन गिल (कप्तान), रवींद्र जडेजा, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, शार्दुल ठाकुर/अंशुल कंबोज, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज।
इंग्लैंड: आत्मविश्वास से भरपूर, एक बदलाव के साथ
लॉर्ड्स में जीत के बाद इंग्लैंड की टीम आत्मविश्वास से भरी है और उन्होंने अपनी प्लेइंग इलेवन की घोषणा भी कर दी है।
एकमात्र बदलाव: इंग्लैंड ने अपनी टीम में सिर्फ एक बदलाव किया है। ऑफ स्पिनर शोएब बशीर उंगली में फ्रैक्चर के कारण श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह 35 वर्षीय लेफ्ट-आर्म स्पिनर लियाम डॉसन को लगभग आठ साल बाद टेस्ट टीम में वापसी का मौका मिला है।
स्थिर टीम: बाकी टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जो लॉर्ड्स में विजयी संयोजन का हिस्सा थी। कप्तान बेन स्टोक्स और जोफ्रा आर्चर की अगुआई में तेज गेंदबाजी आक्रमण भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती बना रहेगा।
इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन:
बेन स्टोक्स (कप्तान), जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर।
पिच और मौसम का मिजाज
पिच रिपोर्ट: ऐतिहासिक रूप से ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार रही है, जहाँ अच्छी गति और उछाल मिलता है।हालांकि, पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर स्टीव हार्मिसन के अनुसार, हाल के वर्षों में यह पिच धीमी और सपाट हुई है, जिससे स्पिनरों को भी मदद मिल सकती है, खासकर मैच के आखिरी दिनों में। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम बड़ा स्कोर खड़ा करना चाहेगी, क्योंकि यहाँ पहली पारी का औसत स्कोर 324-331 रनों के बीच रहा है।
मौसम का पूर्वानुमान: मैनचेस्टर का मौसम मैच में बड़ी भूमिका निभा सकता है। मैच के पहले और आखिरी दिन बारिश की अच्छी-खासी संभावना है, जिससे खेल बाधित हो सकता है। बीच के दिनों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है। शुरुआती ओवरों में बादल छाए रहने से तेज गेंदबाजों को स्विंग मिलने की उम्मीद है।