प्रकाशन तिथि: 18 जुलाई 2025
निर्देशक: मोहित सूरी
कलाकार: अहान पांडे, अनीत पड्डा, वरुण बडोला, राजेश कुमार, गीता अग्रवाल शर्मा
शैली: रोमांटिक ड्रामा, म्यूजिकल
अवधि: 2 घंटे 40 मिनट
रेटिंग: 3.5/5
सैयारा मूवी रिव्यू:
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मोहित सूरी, जो “आशिकी 2” और “एक विलेन” जैसी यादगार म्यूजिकल लव स्टोरीज़ के लिए जाने जाते हैं, एक बार फिर “सैयारा” के साथ दर्शकों के लिए एक इमोशनल और संगीतमय कहानी लेकर आए हैं। यश राज फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म से अहान पांडे और अनीत पड्डा ने बॉलीवुड में डेब्यू किया है। “सैयारा” एक ऐसी फिल्म है जो प्यार, दिल टूटने और खुद को फिर से पाने के सफर को खूबसूरत संगीत के साथ पिरोती है। आइए, इस रिव्यू में जानते हैं कि क्या यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है।
कहानी: दो टूटे दिलों का सफर
“सैयारा” की कहानी कृष कपूर (अहान पांडे) और वाणी बत्रा (अनीत पड्डा) के इर्द-गिर्द घूमती है। कृष एक टैलेंटेड लेकिन गुस्सैल सिंगर और म्यूजिशियन है, जो म्यूजिक की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहता है। वहीं, वाणी एक प्रतिभाशाली कवयित्री है, जिसकी शादी टूटने के बाद उसका दिल टूट चुका है और उसने लिखना छोड़ दिया है।
इन दोनों की मुलाकात एक डायरी के जरिए होती है, और यहीं से उनकी कहानी एक नया मोड़ लेती है। कृष को वाणी की कविताओं में अपने संगीत की आत्मा मिलती है और वह उससे अपने गानों के लिए लिखने का आग्रह करता है। साथ काम करते-करते दोनों एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं और प्यार में पड़ जाते हैं। हालांकि, मोहित सूरी की फिल्मों की तरह, उनकी प्रेम कहानी भी आसान नहीं है। कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आता है जो उनके रिश्ते को चुनौती देता है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर समस्या भी शामिल है। क्या उनका प्यार इन मुश्किलों का सामना कर पाएगा, यही फिल्म का मुख्य सार है।
कहानी में “आशिकी 2”, “रॉकस्टार” और “यू मी और हम” जैसी फिल्मों की झलक देखने को मिलती है, लेकिन मोहित सूरी का निर्देशन और नए चेहरों की ताजगी इसे एक अलग एहसास देती है।
अभिनय: नए चेहरों की दमदार शुरुआत
अहान पांडे ने कृष के किरदार में एक प्रभावशाली डेब्यू किया है। उन्होंने अपने किरदार के गुस्से, जुनून और इमोशनल उतार-चढ़ाव को बखूबी पर्दे पर उतारा है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस अच्छी है और भावनात्मक दृश्यों में उनका अभिनय सराहनीय है।
अनीत पड्डा ने वाणी के किरदार में अपनी सादगी और संवेदनशील अभिनय से दिल जीत लिया है।[2] एक टूटे हुए दिल वाली लड़की, जो फिर से प्यार और सपनों को मौका देती है, इस किरदार को अनीत ने बड़ी ही मासूमियत से निभाया है। उनकी एक्टिंग नेचुरल लगती है और वह दर्शकों से आसानी से जुड़ जाती हैं।
अहान और अनीत की केमिस्ट्री फिल्म का एक मजबूत पक्ष है। सहायक भूमिकाओं में वरुण बडोला और गीता अग्रवाल शर्मा ने भी अच्छा काम किया है।
संगीत: फिल्म की आत्मा
मोहित सूरी की फिल्मों का संगीत हमेशा से उनकी खासियत रहा है और “सैयारा” भी इसका अपवाद नहीं है। मिथुन, सचेत-परंपरा, तनिष्क बागची और विशाल मिश्रा जैसे संगीतकारों ने फिल्म को एक यादगार साउंडट्रैक दिया है जो कहानी को आगे बढ़ाता है और इमोशंस को गहराई देता है। टाइटल ट्रैक “सैयारा” के अलावा, “धुन”, “हमसफर” और “तुम हो तो” जैसे गाने पहले ही चार्टबस्टर बन चुके हैं और फिल्म खत्म होने के बाद भी जुबान पर रहते हैं।
तकनीकी पहलू: सिनेमैटिक अनुभव
विकास शिवरमन की सिनेमैटोग्राफी फिल्म को एक खूबसूरत विजुअल ट्रीट बनाती है। बारिश में भीगे शहर से लेकर म्यूजिकल कॉन्सर्ट के ऊर्जावान दृश्यों तक, हर फ्रेम कहानी के मूड को कॉम्प्लिमेंट करता है। प्रोडक्शन डिजाइन और बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म के स्तर को बढ़ाते हैं। हालांकि, फिल्म का सेकंड हाफ थोड़ा धीमा और बिखरा हुआ लगता है, और क्लाइमेक्स जल्दबाजी में खत्म किया हुआ महसूस होता है।
बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस
“सैयारा” ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की है, और पहले ही दिन लगभग 20 करोड़ रुपये की कमाई करके एक रिकॉर्ड बनाया है। फिल्म ने अपने पहले चार दिनों में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जो डेब्यूटेंट्स के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। दर्शकों, खासकर युवाओं में फिल्म को लेकर जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है।
क्या “सैयारा” देखने लायक है?
अगर आप इमोशनल और म्यूजिकल रोमांटिक ड्रामा फिल्मों के शौकीन हैं, तो “सैयारा” आपके लिए है। यह फिल्म प्यार और दर्द की एक खूबसूरत कहानी है जिसमें नए कलाकारों का दमदार प्रदर्शन और दिल छू लेने वाला संगीत है। कहानी में नयापन न होने और सेकंड हाफ की धीमी गति जैसी कुछ खामियों के बावजूद, यह फिल्म एक अच्छा सिनेमाई अनुभव देती है।