अपोलो टायर्स बना टीम इंडिया का नया जर्सी स्पॉन्सर | Dream11 के बाद ऐतिहासिक डील

अपोलो टायर्स ने 579 करोड़ रुपये में जीती टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सरशिप। जानें Dream11 के बाद यह डील क्यों है खास और BCCI के नए, सख्त नियमों का क्या है इस पर असर। भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता को देखते हुए, टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सरशिप हमेशा से एक आकर्षक और महत्वपूर्ण व्यावसायिक अधिकार रही है। पिछले कुछ वर्षों में, इस पर बायजू (BYJU’S), ओप्पो (Oppo) और सहारा (Sahara) जैसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू ब्रांडों ने अपनी दावेदारी पेश की है। अब, इस सूची में एक और बड़ा नाम जुड़ गया है – अपोलो टायर्स (Apollo Tyres)।

अपोलो टायर्स

अपोलो टायर्स ने 579 करोड़ रुपये में जीती टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सरशिप। जानें Dream11 के बाद यह डील क्यों है खास और BCCI के नए, सख्त नियमों का क्या है इस पर असर।हाल ही में, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के लिए नए जर्सी स्पॉन्सर की घोषणा की। यह घोषणा एक कठोर और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद हुई, जिसमें अपोलो टायर्स ने बाजी मारी। इस डील ने कैनवा (Canva) और जेके सीमेंट्स (JK Cements) जैसी बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया।

डील की मुख्य बातें
अपोलो टायर्स ने यह स्पॉन्सरशिप अधिकार 579 करोड़ रुपये की चौंका देने वाली बोली लगाकर हासिल किया है। यह डील ढाई साल के लिए है और इसमें 121 द्विपक्षीय मैच और 21 आईसीसी (ICC) मैच शामिल हैं। इस डील के साथ, अपोलो टायर्स पहली बार भारतीय क्रिकेट से जुड़ा है।

इस सौदे से बीसीसीआई (BCCI) को भी भारी फायदा हुआ है। बीसीसीआई के अनुसार, यह डील पिछले स्पॉन्सरशिप की तुलना में काफी अधिक मूल्य की है, जो भारतीय क्रिकेट की बढ़ती हुई व्यावसायिक अपील को दर्शाता है। यह डील प्रति मैच लगभग 4.77 करोड़ रुपये की है।

अपोलो टायर्स
अपोलो टायर्स

अपोलो टायर्स के वाइस-चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज कंवर ने कहा, “क्रिकेट की भारत और दुनिया भर में बेजोड़ लोकप्रियता इसे हमारे लिए टीम इंडिया का नेशनल टीम लीड स्पॉन्सर बनना सम्मान की बात बनाती है। यह साझेदारी राष्ट्रीय गौरव, उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करने और हमारे ब्रांड को अग्रणी के रूप में दिखाने के बारे में है।”

ड्रीम11 के साथ डील हुई थी रद्द
यह डील इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले Dream11 के साथ हुई स्पॉन्सरशिप डील को एक सरकारी आदेश के बाद रद्द कर दिया गया था। इस आदेश में रियल मनी गेमिंग कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया था, जो कि भारतीय खेलों के सबसे बड़े वित्तपोषकों में से एक थे। सरकार के इस आदेश के बाद, एशिया कप के दौरान टीम इंडिया बिना किसी जर्सी स्पॉन्सर के मैदान में उतरी थी।

अपोलो टायर्स
अपोलो टायर्स अब भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर दिखेगा। यह ब्रांड 579 करोड़ रुपये की डील के साथ Dream11 का स्थान लेगा।

कड़े थे स्पॉन्सरशिप के नियम
इस बार की टेंडर प्रक्रिया में बीसीसीआई ने काफी कड़े और सख्त नियम अपनाए थे। बोर्ड ने सट्टेबाजी, जुआ, क्रिप्टोकरेंसी, ऑनलाइन मनी गेमिंग और तंबाकू जैसे क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों को सीधे तौर पर बाहर कर दिया था। इसके अलावा, sportswear ब्रांड, बैंक, बीमा कंपनियां और गैर-मादक पेय ब्रांड जैसे व्यवसाय भी बोली प्रक्रिया से बाहर रखे गए थे, ताकि स्पॉन्सरशिप में कोई टकराव न हो।

अपोलो टायर्स का लोगो पहली बार वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 अक्टूबर से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज में टीम इंडिया की जर्सी पर दिखाई देगा।

यह डील यह साबित करती है कि भारतीय क्रिकेट का वाणिज्यिक मूल्य लगातार बढ़ रहा है और ब्रांड्स इसमें निवेश करने के लिए तैयार हैं, भले ही नियम कितने भी सख्त हों।

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